डलमऊ (रायबरेली)। 45 वर्ष पुरानी मुराई बाग की सब्जी बाजार को अतिक्रमण अभियान के तहत शिफ्ट कर डलमऊ तहसील मार्ग पर पड़वा नाला के पास स्थानांतरित किए जाने को लेकर स्थानीय व्यापारियों व ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। दरअसल, मुराईबाग में पहले कोई स्थायी बाजार नहीं थी। डलमऊ आने वाले कर्मचारी, स्थानीय निवासी और आसपास के गांवों के लोग सब्जी खरीदने के लिए कई किलोमीटर दूर दीनगंज बाजार जाने को मजबूर थे, जिससे समय और पैसे दोनों का नुकसान होता था।इन समस्याओं को देखते हुए वर्ष 1981 में सामाजिक कार्यकर्ता रहे डॉ. लल्लन के पिता शंकर प्रसाद ने डलमऊ–लालगंज मार्ग पर बाजार की शुरुआत कराई। नगर पंचायत डलमऊ द्वारा बाद में इस क्षेत्र का नाम शंकर नगर मोहल्ला रखा गया।स्थानीय व्यापारी दीप नारायण साहू, आशुतोष गुप्ता, राम गोपाल वैश्य, राजकुमार, प्रदीप श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों का कहना है कि 45 वर्षों में बाजार के कारण कभी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। उनका आरोप है कि बिना ठोस विकल्प और सहमति के बाजार को शिफ्ट करना उचित नहीं है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जनहित को देखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करे।
जनहित से शुरू हुई बाजार पर संकट, मुराईबाग की 45 साल पुरानी पहचान हटी
