महराजगंज (रायबरेली)। विकास खंड क्षेत्र के अटरा ग्रामसभा की महिला ग्राम प्रधान पर बिना कार्य किए फर्जी भुगतान कराने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप लगे हैं। गांव के युवक प्रदीप बाजपेई ने खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह को शिकायती पत्र देकर ग्रामसभा का खाता बंद कराने और किए गए भुगतानों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।शिकायतकर्ता प्रदीप बाजपेई के अनुसार, ग्राम प्रधान शशि देवी द्वारा कई मदों में बिना कार्य किए भुगतान लिया गया। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को 14,650 रुपये का भुगतान किया गया, जो शिकायत पर रोक दिया गया है। इसके अलावा नवंबर में सार्वजनिक शौचालय के नाम पर 18,000 रुपये का भुगतान हुआ, जबकि शौचालय बंद रहता है। उसी माह ह्यूम पाइप के नाम पर 78,470 रुपये का भुगतान भी किया गया, जबकि गांव में मात्र तीन पाइप का ही उपयोग हुआ है।प्रदीप बाजपेई का आरोप है कि मनरेगा के तहत ऐसे लोगों को मजदूरी का भुगतान हो रहा है, जो चलने-फिरने में भी सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बीडीओ से मांग की कि ग्रामसभा का खाता तत्काल बंद किया जाए और सभी पूर्व भुगतानों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।मामले में बीडीओ वर्षा सिंह ने बताया कि प्राप्त शिकायतों की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अटरा ग्रामसभा की प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप, युवक ने बीडीओ से खाता बंद कराने और जांच की मांग की
