रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद कुमार मौर्य ने सलोन पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनोद मौर्य का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें आधी रात करीब 12 बजे उनके घर से जबरन उठाया, गाली-गलौज की और थाने ले जाकर रजाई ओढ़ाकर जमकर पिटाई की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सलोन थाना प्रभारी राघवन सिंह और संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने चौकी इंचार्ज समेत तीन सिपाहियों को तत्काल थाने से हटा दिया, लेकिन संगठन इससे संतुष्ट नहीं हुआ।वहीं पुलिस का कहना है कि विनोद मौर्य गोकशी से जुड़े एक मामले में गवाह हैं और अदालत में पेश न होने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी की तामील के लिए पुलिस कार्रवाई की गई, हालांकि कानूनी प्रक्रिया के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।मामला तब और गरमा गया जब राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आधी रात धरना स्थल पर पहुंचे और अपनी ही सरकार की पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की बात कही। अगले दिन सपा के बागी विधायक मनोज पांडे भी धरने में शामिल हुए। फिलहाल, कोतवाल पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना जारी है और मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
रात, थाना और रजाई: बजरंग दल नेता के आरोपों से यूपी की राजनीति गर्माई
