भीड़, नारे और गुस्से के बीच एक आवाज़— ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है’ और थम गया बवाल

कोटद्वार (उत्तराखंड)।उत्तराखंड के शांत और आपसी सौहार्द के लिए पहचाने जाने वाले शहर कोटद्वार में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक दुकान के नाम को लेकर विवाद गहरा गया। मामला बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर नामक दुकान से जुड़ा है, जिसके बाद इलाके में काफी देर तक हंगामे जैसे हालात बने रहे।जानकारी के अनुसार, देहरादून से करीब डेढ़ से दो सौ लोगों का एक समूह कोटद्वार पहुँचा था। आरोप है कि इस दौरान दुकान के मालिक वकील अहमद (उम्र लगभग 70 वर्ष) पर उनकी दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाया गया। बिना किसी सरकारी नोटिस या लिखित आदेश के नाम बदलने की मांग किए जाने से मौके पर तनाव बढ़ता चला गया।घटना के समय वहां मौजूद स्थानीय युवक दीपक कुमार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। दीपक के मुताबिक, भीड़ के सामने संख्या कम होने के बावजूद उन्होंने बुजुर्ग दुकानदार के अपमान का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी कानूनी दस्तावेज या आदेश के किसी व्यक्ति को मजबूर करना उचित नहीं है।दीपक ने बताया कि विवाद के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था और तीन से चार घंटे तक नारेबाजी व गाली-गलौज का दौर चलता रहा। इसी बीच जब उनसे उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया। दीपक का कहना है कि उन्होंने यह बात जानबूझकर कही, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।दीपक ने स्पष्ट किया कि वह न तो धर्म बदल रहे थे और न ही अपनी पहचान छिपा रहे थे। उनका कहना है कि उनका मकसद केवल तनाव कम करना और किसी भी तरह के बवाल को रोकना था। उनके इस बयान के बाद कुछ समय के लिए माहौल शांत होता नजर आया।घटना के बाद दीपक ने शांति और भाईचारे की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार हमेशा से आपसी सौहार्द का प्रतीक रहा है और ऐसी घटनाओं से शहर की पहचान को नुकसान पहुंचता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है।

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