लालगंज रायबरेली (एनपीआर)। नई बाज़ार स्थित बड़ी मस्जिद में आगामी 2 दिसंबर 2025, दिन मंगलवार को एक भव्य “मदारे आज़म कान्फ्रेंस” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पूरी तरह फज़ाएल-ए-अहले बैत और सिलसिला-ए-मदारिया की रूहानी तालीम पर आधारित होगा। कान्फ्रेंस की जेरे सदारत फरमाएँगे —हुजूर पीरे तरीक़त, रहबर-ए-राहे शरीअत हज़रत सय्यदी मुर्शिदी अल्हाज अल्लामा सय्यद राज़दार हुसैन जाफरी मदारी, सज्जादा नशीन खानकाहे आलिया मदारिया, मकनपुर शरीफ (कानपुर नगर)। कार्यक्रम में मुल्क और बैरून-ए-मुल्क के कई नामी उलमा व मशहूर शायर शिरकत करेंगे— शायरे इस्लाम व शायरे हिन्द, शहज़ादए आले–रसूल हज़रत मुफ्ती सय्यद शजर अली जाफरी बकारी मदारी, फाज़िले साउथ अफ्रीका शहज़ादाए राज़दार मिल्लत सय्यद आले मुस्तफा जाफरी मदारी (मकनपुर शरीफ) मुकर्रिर-ए-अहले बैत हज़रत अल्लामा व मौलाना मुफ्ती अबुल मोहम्मद इसराफ़ील हैदरी मदारी, प्रिंसिपल — मरकज़ी जामिया मदारुल उलूम, मकनपुर शरीफ गैरे निज़ामत: पीरज़ादा सय्यद शोएब गाजी जाफरी मदारी (मकनपुर शरीफ) मुकर्रिर-ए-ख़ुसूसी: हज़रत अल्लामा व मौलाना मुफ़्ती शफीकुल क़ादरी (महाराष्ट्र/मुंबई) स्थानीय उलमा में—क़ारी मोहम्मद अनवार (इमाम, बड़ी मस्जिद लालगंज) क़ारी अब्दुल जलील नईमी (मदारसा बाल्हेमऊ) हाफ़िज़ मोहम्मद इमरान मदारी (लालगंज) — अपनी तिलावत और बयानात पेश करेंगे। गुलामाने मदार कमेटी, लालगंज तथा मुतवल्ली वक़्फ संख्या 12 (नई बाज़ार, लालगंज) की ओर से तमाम मुहिब्बाने औलिया और अहले सुन्नत से ख़ास अपील की गई है कि ज्यादा से ज्यादा तादाद में पहुँचकर इस रूहानी जलसे से सवाबे दारेन हासिल करें और फैज़ाने मदार से मालामाल हों।
फज़ाएल-ए-अहले बैत पर मदारे आज़म कान्फ्रेंस 2 दिसंबर को लालगंज में
