डलमऊ में सजा साहित्य का दरबार: निराला महोत्सव में दिग्गज साहित्यकारों का हुआ सम्मान
डलमऊ (रायबरेली)।निराला पार्क में आयोजित निराला महोत्सव एवं साहित्यकार सम्मान समारोह में साहित्य और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न साहित्यकारों को सम्मानित किया गया तथा कई महत्वपूर्ण ग्रंथों का विमोचन किया गया।समारोह में महामंडलेश्वर देवेंद्रानंद द्वारा रचित “जीवन की पूंजी”, डॉ. आजेंद्र प्रताप सिंह की “डलमऊ का इतिहास”, “बैसवारे की अमर प्रेम कथा”, मुल्ला दाऊद कृत “चंदायन समग्र समीक्षात्मक अनुशीलन”, स्वामी गीतानंद गिरी की “जिंदगी के इस खेल में” तथा रामनिवास पंथी की “अवधि बैसवारी की अंतरंग लोक कथाएं” सहित कई पुस्तकों का विमोचन किया गया। साथ ही “ये मेरा बैसवारा” पुस्तक का भी लोकार्पण हुआ।पूर्व कुलपति डॉ. शिव वरण शुक्ला को महाप्राण सम्मान से सम्मानित किया गया। पवन कुमार सिंह को निराला स्मृति सम्मान, डॉ. सुरंगमा यादव को मनोहरा देवी स्मृति सम्मान, काजल सिंह को सरोज स्मृति सम्मान तथा मोहम्मद अकरम को मुल्ला दाऊद स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा कुंवर कुणाल को चक्रवर्ती राजा डालदेव सम्मान, अनिल कुमार निलय को गीतकार जवाहर इंदू स्मृति सम्मान, प्रो. अविनाश सिंह को राजाराम भारतीय स्मृति सम्मान तथा रमेश भारतीय को के.के. चौधरी स्मृति सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि जी महाराज ने की। इस अवसर पर डॉ. महादेव सिंह, अंजनी कुमार सिंह और सतीश कुमार सिंह ने अपनी कविताओं और गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। वहीं आल्हा गायिका काजल सिंह ने वीर रस से भरपूर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में जोश भर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. सुरेंद्र बहादुर सिंह एवं विशिष्ट अतिथि स्वामी भास्कर स्वरूप जी महाराज को आयोजक मंडल द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंडित बृजेश दत्त गौड़, डॉ. महादेव सिंह, विनय भदोरिया, अरुण कुमार सिंह, हरिश्चंद्र बहादुर सिंह, राम अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में दिव्यानंद जी महाराज, स्वामी रामचैतन्य, ललित भारतीय, रामगोपाल वैश्य, संदीप मिश्रा, पुनीत द्विवेदी, ललित भारतीवीरेंद्र यादव, संदीप चौधरी, शोहराब अली, दुर्गा शंकर शुक्ल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
