रायबरेली। जनपद के खिलाड़ियों ने अयोध्या में आयोजित 36वीं राज्य स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेसिक शिक्षा परिवार को गौरवान्वित किया है। रायबरेली की बाल क्रीड़ा टीम ने प्रतियोगिता में 10 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर सभी को चौंका दिया।तीरंदाजी इंडियन राउंड बालक व्यक्तिगत वर्ग में आकाश ने स्वर्ण और किशन ने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं तीरंदाजी इंडियन राउंड बालक टीम इवेंट में आकाश, किशन, सुप्रभात और जय की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।तीरंदाजी रिकर्व राउंड बालक वर्ग में अनिकेत ने स्वर्ण और कुलदीप ने रजत पदक प्राप्त किया। तीरंदाजी रिकर्व राउंड बालिका वर्ग में शिफा कुलसूम ने स्वर्ण और महक ने रजत पदक हासिल किया।शूटिंग राइफल बालक वर्ग में आदित्य ने स्वर्ण और कुलदीप ने रजत पदक जीता। वहीं शूटिंग एयर पिस्टल बालक वर्ग में जय ने स्वर्ण और कुलदीप ने रजत पदक प्राप्त किया। शूटिंग एयर पिस्टल बालिका वर्ग में शिफा कुलसूम ने स्वर्ण और महक ने रजत पदक हासिल किया।एथलेटिक्स में लंबी कूद प्रतियोगिता में सीता राजपूत ने रजत पदक तथा 200 मीटर दौड़ में शिवम ने कांस्य पदक जीतकर जनपद का नाम रोशन किया।इस अवसर पर जिला व्यायाम शिक्षक शोऐब हसन खान ने बताया कि बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में पहली बार शूटिंग और आर्चरी जैसे खेलों को शामिल किया गया, जिससे इन खेलों के प्रतिभावान छात्रों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला और रायबरेली जनपद के प्रदर्शन में अप्रत्याशित सुधार देखने को मिला।जनपद के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने सभी खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि से यह साबित हो गया है कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।नोडल खंड शिक्षा अधिकारी राही बृजलाल वर्मा ने कहा कि यह सफलता बच्चों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है और आने वाले समय में भी बच्चे इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे।इस मौके पर जिला व्यायाम शिक्षिका रेनू शुक्ला, स्काउट कैप्टन शिवशरण, व्यायाम शिक्षक मनोज, दिलीप, दुर्गेश, इरफान खान, मोहम्मद नसीम, रामेंद्र यादव, रेखा सिंह, पारस लाल सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
अयोध्या में रायबरेली के नन्हे खिलाड़ियों का कमाल, 10 स्वर्ण समेत 18 पदक जीतकर रचा इतिहास
