रायबरेली।
रविवार को उत्तर प्रदेशीय उर्दू शिक्षक संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय उर्दू दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उर्दू भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्वानों को सम्मानित किया गया। संघ के अध्यक्ष मुईनुल हक़ और महामंत्री शोएब हसन ख़ान ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू भाषा ने देश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई है और आज भी यह राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को बढ़ाने वाली भाषा के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने उर्दू के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। इस अवसर पर एक अदबी महफ़िल का भी आयोजन किया गया, जिसमें उर्दू भाषा के अतीत (माज़ी), वर्तमान (हाल) और भविष्य (मस्तक़बिल) पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने उर्दू साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में सलाहुद्दीन अंसारी, अनवर अली, सैयद खुर्शीद अहमद, मोहम्मद इरफ़ान ख़ान, इरफ़ान अहमद, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद रमज़ान, अशफ़ाक़ अहमद सहित अनेक शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय उर्दू दिवस पर उर्दू शिक्षक संघ ने किया सम्मान समारोह का आयोजन
