डलमऊ रायबरेली। क्षेत्र के बाल्हेमऊ ऐहार स्थित वारसी जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिद परिसर में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में ईद को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।सुबह निर्धारित समय पर मस्जिद के पेश इमाम जनाब हाफिज अब्दुल हफीज वारसी ने ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के दौरान पूरे मस्जिद परिसर में अमन, भाईचारे और इबादत का माहौल बना रहा। नमाज के बाद पेश इमाम ने खुतबा पढ़ते हुए ईद-उल-अजहा की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, कुर्बानी, इंसानियत और आपसी मोहब्बत का संदेश देता है।उन्होंने लोगों से समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया। खुतबे के बाद मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और देश की सलामती के लिए विशेष दुआएं कराई गईं।नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिद परिसर में बच्चों और युवाओं में खास खुशी दिखाई दी। ईद के मौके पर पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों में सेवइयां और विभिन्न पकवान बनाकर मेहमानों का स्वागत किया।इस अवसर पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद रहे।
वारसी जामा मस्जिद में अकीदत के साथ अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज
