डलमऊ रायबरेली। नगर पंचायत डलमऊ क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और उससे उत्पन्न हो रही जाम व सड़क दुर्घटनाओं की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से आंशिक नो एंट्री लागू करने की मांग की है। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा डलमऊ तहसीलदार मंजरी सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में बताया गया कि नगर पंचायत डलमऊ लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। क्षेत्र में अब तक लगभग एक दर्जन से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की दर्दनाक मौत भी हुई है। विशेष रूप से कस्बे में शिक्षा से जुड़े छोटे-बड़े विद्यालय एवं कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जहां सुबह और शाम के समय छात्रों व अभिभावकों की भारी भीड़ सड़कों पर रहती है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि इसी दौरान भारी वाहनों के गुजरने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, जिससे आम जनमानस भय के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर है।ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से 10 बजे तक तथा शाम 3 बजे से 5 बजे तक कस्बे के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर आंशिक नो एंट्री लागू की जाए।वहीं लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन कार्य दिवस के भीतर यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर समाजसेवी विकास सिंह, जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र यादव, महेंद्र पटेल, अंकिल दीक्षित, बीएल लोधी, अखिलेश यादव, आर्यन यादव, आलोक वर्मा, राम राम पाल, चन्दर पंडा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
डलमऊ में हादसों का डर: भारी वाहनों पर नो एंट्री की मांग, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
