रायबरेली। ब्लड डोनर एसोसिएशन रायबरेली के जिला संरक्षक गुलाम अहमद सिद्दीकी ने जनपदवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला पवित्र त्योहार है।उन्होंने बताया कि ईद-उल-अजहा इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के आखिरी महीने ज़ुल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाई जाती है। यह पर्व हज यात्रा के समापन के बाद आता है, जिसे इस्लाम के पांच अहम स्तंभों में शामिल किया गया है।गुलाम अहमद सिद्दीकी ने कहा कि यह त्योहार हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और अपने बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने की तत्परता की याद दिलाता है। अल्लाह ने उनकी परीक्षा लेते हुए इस्माइल की जगह एक दुम्बा भेज दिया, जिसकी कुर्बानी दी गई। यही घटना ईद-उल-अजहा की असल भावना को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि ईद हमें आपसी प्रेम, भाईचारा, जरूरतमंदों की मदद और समाज में इंसानियत को मजबूत करने की सीख देती है। इस मौके पर उन्होंने सभी लोगों से अमन-चैन, सौहार्द और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होने की अपील की।
ईद-उल-अजहा त्याग और इंसानियत का पैगाम : गुलाम अहमद सिद्दीकी
