रायबरेली (उत्तर प्रदेश)।फतेहपुर से रायबरेली आने वाले वाहनों से की जा रही अवैध वसूली का बड़ा मामला बुधवार को उस वक्त उजागर हुआ जब उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अचानक छापेमारी कर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने मोहित नाम के एक दलाल और उसके अयोध्या निवासी साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वसूली लंबे समय से चल रही थी, जिसमें परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है।सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने एआरटीओ (सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) और यात्री कर अधिकारी के खिलाफ लालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि फतेहपुर से रायबरेली की ओर आने वाले छोटे-बड़े वाहनों से अवैध वसूली खुलेआम की जा रही थी, और यह खेल लंबे समय से चल रहा था।जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध कमाई में कई ऊंचे स्तर के लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। एसटीएफ की टीम अब इस पूरे नेटवर्क की तहकीकात में जुट गई है।खबर लिखे जाने तक एसटीएफ की कार्रवाई जारी थी, और आने वाले घंटों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
रायबरेली में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा, एसटीएफ की छापेमारी में दलाल गिरफ्तार – एआरटीओ और यात्री कर अधिकारी पर मुकदमा दर्ज
