लालगंज (रायबरेली)।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लाख दावे करे, लेकिन वीवीआईपी जिला रायबरेली की हकीकत इससे उलट है। रेल कोच फैक्ट्री के पास स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐहार वर्षों से डॉक्टर की कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर तैनात नहीं है।राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे होने के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। घायल मरीज पहले इस सरकारी अस्पताल में लाए जाते हैं, लेकिन डॉक्टर न मिलने पर उन्हें निजी अस्पतालों या जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है, जिससे कीमती समय बर्बाद होता है और मरीज की जान पर बन आती है।अस्पताल की इमारत और स्टाफ क्वार्टर पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन तैनाती न होने से पूरा परिसर जर्जर होने लगा है। चारों ओर घास-फूस उग आई है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। अस्पताल में मात्र चार कर्मचारियों का छोटा सा स्टाफ है, जिनमें किसी का अवकाश पर रहना आम बात है। स्टाफ की भारी कमी से स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ी रहती हैं।यही वजह है कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला जैसे सरकारी कार्यक्रम में भी मरीजों की संख्या बेहद कम रहती है, क्योंकि लोगों को यहां उचित इलाज की उम्मीद नहीं रह गई है।क्षेत्रवासियों—विनय कुमार, बबलू यादव, जितेंद्र कुमार, भोला यादव, राजेश फौजी, पुनीत सैनी, विरेंद्र कुमार, राजकिशोर, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद अफरोज, रामकुमार, शोभित, विनोद गौड़, केडी तिवारी, राजबहादुर यादव सहित कई लोगों—ने तत्काल एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि डॉक्टर मिलने से न केवल हजारों लोगों को राहत मिलेगी बल्कि हादसों में घायल मरीजों की समय पर जान भी बचाई जा सकेगी।
—अधिकारी बोले—जल्द होगी तैनाती
अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल डॉक्टर की कमी है। तैनात डॉक्टर ट्रेनिंग पर गए हैं और जल्द ही पीएचसी में डॉक्टर की नियमित तैनाती कर दी जाएगी।
