न्यूज प्लस रिपोर्ट
सोमवार को जिलाधिकारी आवास के निकट संत गाडगे चौक स्थित Sant Gadge Baba प्रतिमा स्थल पर उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रायबरेली के अम्बेडकरवादी, बहुजनवादी, संविधान पसंद, समतावादी तथा धम्म से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम में दर्जनों अनुयायियों ने राष्ट्र संत गाडगे महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन संघर्षों और सामाजिक योगदान को याद किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता संत गाडगे बाबा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमलेश चौधरी ने की, जबकि संचालन बहुजन चिंतक राजेश कुरील ने किया।राज्य कर्मचारी संघ के नेता अनूप मिश्रा ने कहा कि संत गाडगे महाराज मानव सेवा को ही ईश्वर पूजा मानते थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दलितों, गरीबों व वंचितों की सेवा में समर्पित किया। सामाजिक चिंतक विमल किशोर सबरा ने कहा कि गाडगे बाबा ने कीर्तन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, शिक्षा, अंधविश्वास उन्मूलन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। वे झाड़ू को अपना प्रतीक मानकर गांव-गांव सफाई करते थे और सामाजिक जागरूकता फैलाते थे।कार्यक्रम में बहुजन व सामाजिक चिंतक मदन लाल, राम शरण प्रसाद, राजेंद्र बौद्ध, मुकेश रस्तोगी सहित अनेक वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे बाबा स्वच्छता के अग्रदूत और समाज सुधार आंदोलन के प्रेरणास्रोत थे।इस अवसर पर गंगा प्रसाद निर्मल, सूबेदार हरि प्रसाद शास्त्री, गंगा किशुन, एडवोकेट घनश्याम निर्मल, सेराज उर्फ साजन, मास्टर श्रीराम, राम सहाय, एडवोकेट अभय सोनकर, एडवोकेट अवधेश आर्या, शिव कुमार बौद्ध सहित कई लोगों ने पुष्प अर्पित कर गाडगे बाबा के विचारों को ग्रामीण स्तर तक जन-जन पहुंचाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम सामाजिक एकता और मानव सेवा के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ।
