डलमऊ (रायबरेली)। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर उपजिलाधिकारी डलमऊ ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की। एसडीएम ने बताया कि संबंधित भूमि ग्राम सभा की है, जिस पर रामप्रकाश द्वारा अपनी जमीन के साथ-साथ ग्राम सभा की भूमि पर भी कब्जा कर फसल बोई गई थी। मामले को लेकर ग्राम प्रधान ने लिखित आवेदन देकर पैमाइश कराकर ग्राम सभा की भूमि खाली कराए जाने की मांग की थी। प्रधान के आवेदन पर राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई गई, जिसमें पाया गया कि ग्राम सभा की 0.033 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा है। एसडीएम ने बताया कि इसी को लेकर संबंधित पक्ष द्वारा नक्शा संशोधन के लिए मुकदमा दाखिल किया गया है, जो वर्तमान में जिले में अपर जिलाधिकारी के न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान के आवेदन के आधार पर मौके पर तहसीलदार मंजरी सिंह नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह और लेखपाल हरिओम त्रिपाठी को भेजा गया था तथा उनके निर्देश पर पैमाइश की गई। वायरल वीडियो की सत्यता पर एसडीएम ने कहा कि वीडियो में तथ्यात्मक जानकारी नहीं है और संबंधित व्यक्ति को सही जानकारी नहीं होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी।
वायरल वीडियो से मचा भ्रम, एसडीएम डलमऊ ने प्रेसवार्ता में किया खुलासा
