शिवगढ़ (रायबरेली)। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के मोहनगंज मजरे पाराखुर्द गांव से एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस पर नाम काटने के बदले 30,000 रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
महिला की मौत के बाद भड़का विवाद
मामले के अनुसार, मोहनगंज गांव में पूर्व में हुई मारपीट की घटना में घायल एक महिला की मंगलवार को मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन बुधवार को शव गांव आने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और जमकर हंगामा किया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाने के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह अंतिम संस्कार कराया।
परिजनों का आरोप: नाम काटने के लिए मांगे गए 30 हजार रुपये
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी ने नाम काटने और मामले को सेट करने के बदले 30,000 रुपये की मांग की थी। परिजनों ने यह शिकायत मौके पर मौजूद थाना प्रभारी विंध्य विनय कुमार से भी की।
थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी विंध्य विनय कुमार ने बताया—
“अंतिम संस्कार के समय परिजनों ने आरोप लगाया था कि एक पुलिसकर्मी ने नाम काटने के एवज में पैसे मांगे। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
