रायबरेली (एनपीआर नेटवर्क)। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के प्रयासों से जैतपुर में निर्मित राजकीय संप्रेक्षण गृह रविवार से औपचारिक रूप से संचालित हो गया है। 6.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह भवन किशोर अपचारियों को पुनर्वास और सुधार की दिशा में नई राह दिखाने का कार्य करेगा। वर्तमान में यहां 24 बच्चे रखे गए हैं, जबकि कुल क्षमता 100 किशोरों की है।कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा तैयार इस भवन में कक्षाएं, लाइब्रेरी, काउंसिलिंग रूम, डायनिंग हॉल, प्राथमिक उपचार कक्ष, वर्कशॉप रूम और स्टाफ आवास सहित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा ने बताया कि रायबरेली ही नहीं, अन्य जिलों के किशोर अपचारी भी यहां आश्रय पा सकेंगे।संप्रेक्षण गृह में बच्चों को शिक्षा, नियमित काउंसिलिंग, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।डीएम हर्षिता माथुर ने बताया कि“राजकीय संप्रेक्षण गृह पूरी तरह चालू कर दिया गया है। अभी 24 बच्चे आए हैं और इसकी क्षमता 100 बच्चों की है। इसे जुनैना कोर्ट संप्रेषण गृह के रूप में विकसित किया गया है।”जिले में पहली बार इस प्रकार की सुविधा शुरू होने से किशोर न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित वातावरण में सुधार का अवसर प्राप्त होगा।
डीएम हर्षिता माथुर की पहल: रायबरेली में शुरू हुआ राजकीय संप्रेक्षण गृह, 100 किशोर अपचारियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय व नई दिशा
