डलमऊ (रायबरेली)। विगत 9 वर्षों से शैक्षणिक योग्यता, पदनाम परिवर्तन, प्रारम्भिक वेतनमान उच्चीकरण, मृतक आश्रितों की पेंशन विसंगति, स्टेशनरी भत्ता वृद्धि, मोटरसाइकिल भत्ता, विशेष वेतन भत्ता सहित विभिन्न मांगों के लंबित रहने पर आज प्रदेशभर में लेखपालों ने तहसील मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण धरना दिया। इसी क्रम में डलमऊ तेखपाल संघ के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में डलमऊ तहसीलदार मंजरी सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। लेखपाल ने बताया कि शासनादेशों एवं सैकड़ों पत्राचार के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। संघ ने कहा कि 3000 से अधिक लेखपाल अपने परिवारों से दूर भय और तनाव में नौकरी कर रहे हैं, जबकि 2018 में जारी अन्तर्मण्डलीय स्थानांतरण आदेश के अनुसार ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद भी सूची जारी नहीं की गई है।
संघ ने राजस्व निरीक्षक पदों पर डीपीसी लंबित होने, अधिकारियों द्वारा मासिक बैठक न करने तथा समस्याओं को न सुनकर दबाव बनाने जैसी शिकायतें भी उठाई।
5 अक्टूबर 2025 की प्रांतीय बैठक में आंदोलन का निर्णय लिया गया था। 1 नवम्बर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया गया और समस्याओं के न सुलझने पर आज 15 नवम्बर से धरना शुरू किया गया।
संघ ने प्रारम्भिक वेतनमान ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) लागू करने, तकनीकी संवर्ग घोषित करने सहित सभी लंबित मांगों पर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
