डलमऊ (रायबरेली)। मिर्गी (एपिलेप्सी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से रविवार को विश्व मिर्गी दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत सुबह वाकथान के साथ-साथ मिर्गी के मरीजों को उपचार और बचाव के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इस क्रम में संकट मोचन मंदिर से मुराई बाग तक पैदल मार्च भी निकाला जाएगा। शनिवार को मुराई बाग स्थित अंकल जी हेल्थ केयर में आयोजित गोष्ठी में अभियान की रूपरेखा तय की गई। गोष्ठी में मुख्य वक्ता अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ के एसोसिएट डायरेक्टर (न्यूरोलॉजी) डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि मिर्गी एक स्नायु संबंधी विकार है, जिसमें मरीज को बार-बार दौरे पड़ते हैं।मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में कुछ समय के लिए आने वाली गड़बड़ी दौरे का कारण बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिर्गी न तो छुआछूत की बीमारी है और न ही यह कोई मानसिक रोग है।डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सिर में गंभीर चोट, मस्तिष्क आघात, ब्रेन ट्यूमर तथा कुछ मामलों में आनुवांशिक कारणों से यह बीमारी हो सकती है। नियमित और सही इलाज से मिर्गी पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। डॉ. प्रियंका गुप्ता ने कहा कि बच्चों में प्रदूषण, असंतुलित खान-पान और जीवनशैली के कारण भी स्नायु संबंधी विकार पनप सकते हैं, जिस पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है। कार्यक्रम के आयोजक राहुल गुप्ता ने बताया कि अंकल जी हेल्थ केयर, मुराई बाग में मिर्गी सहित अन्य न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व मिर्गी दिवस पर यह विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है।इस अवसर पर शीतला प्रसाद गुप्ता, अंजली गुप्ता, दीप्ति गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विश्व मिर्गी दिवस पर डलमऊ में जागरूकता अभियान, संकट मोचन मंदिर से मुराई बाग तक निकलेगा पैदल मार्च
