रायबरेली। मनरेगा को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” की शुरुआत कर दी है, जिसकी कमान खुद नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी ने संभाली है। अपने तीन दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी ने सीधे मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों से संवाद किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।चौपाल के दौरान उन्होंने मजदूरों की समस्याएं सुनीं और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान हो पा रहा है, जिससे गरीब परिवारों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदलकर “जी राम जी” किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि सिर्फ नाम बदलने से हालात नहीं बदलते, ज़रूरी है कि मजदूरों को नियमित काम और समय पर भुगतान मिले।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” और इस तरह की चौपालों के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा ताकि मजदूरों को उनका हक और अधिकार मिल सके। अब यह देखना होगा कि रायबरेली से उठी मजदूरों की आवाज़ दिल्ली तक पहुंचेगी या नहीं।कुल मिलाकर राहुल गांधी ने रायबरेली से इस अभियान का आगाज कर दिया है, जिसमें ग्रामीण और मजदूर अपनी समस्याओं को सीधे सांसद तक पहुंचाने का मौका पा रहे हैं।
रायबरेली से राहुल गांधी ने शुरू किया “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान”, मजदूरों की आवाज़ दिल्ली तक पहुंचाने की तैयारी
