डलमऊ रायबरेली। सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जहां माता-पिता और उनके पुत्र की मौत ने पूरे इलाक़े को दहला दिया, वहीं दूसरी ओर इस हादसे ने मनुष्य रूपी समाज के काले चेहरे को भी उजागर कर दिया। हादसे में घायल जब सड़क पर तड़प रहे थे, उसी दौरान मौके पर मौजूद कुछ असंवेदनशील लोगों ने मदद करने के बजाय उसकी जेब से पर्स निकाल लिया और गले से चैन तक उतार ली। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारी संवेदनाएँ इतनी मर चुकी हैं कि किसी की जान जाती रहे और हम उसकी बची-खुची चीजें लूटने में लगे रहें? जहां एक तरफ एक परिवार अपने तीन सदस्यों की मौत से उजड़ गया, वहीं दूसरी तरफ मौके पर मौजूद कुछ लोग मृतकों और घायलों की मदद करने के बजाय लूटमारी में जुटे रहे। स्थानीय लोग और जिम्मेदार नागरिक इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि हादसे का दर्द तो शायद समय के साथ कम हो जाए, लेकिन इंसानियत को शर्मसार करने वाली ऐसी हरकतें समाज के जख्मों को और गहरा कर देती हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
हादसे ने छीना परिवार, और हादसे के बीच लूट ले गई इंसानियत !
