रायबरेली। सोमवार को ग्रामीण सत्ता पंचायती राज संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव के नेतृत्व में जिले के सैकड़ों प्रधानों ने जिलाधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानों ने मांग की कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला हैं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका होती है। वर्तमान में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता और जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यों को देखते हुए यदि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होता है, तो प्रशासनिक शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रधानों ने कहा कि इससे ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्य और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए मांग की गई कि वर्तमान ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल तब तक बढ़ाया जाए, जब तक नए प्रतिनिधि निर्वाचित होकर कार्यभार ग्रहण न कर लें। साथ ही कार्यकाल विस्तार की अवधि में प्रतिनिधियों को प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की भी मांग की गई, ताकि विकास कार्य, जनगणना समन्वय और पूर्व स्वीकृत योजनाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें। इस दौरान जनपद के विभिन्न विकास खंडों से सैकड़ों की संख्या में प्रधान मौजूद रहे।
पंचायतों में ठप पड़ सकता है काम! कार्यकाल बढ़ाने की मांग लेकर प्रधानों का जिलाधिकारी पर बड़ा प्रदर्शन
