[विशेष संवाददाता | न्यूज प्लस रिपोर्ट]रायबरेली (यूपी)! वीआईपी दौरों के दौरान मीडियाकर्मियों को कवरेज से रोके जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचे कई पत्रकारों को स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। एंट्री न मिलने के कारण मौके पर भारी हंगामा देखने को मिला और पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
क्यों रोके गए पत्रकार? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय सूचना विभाग द्वारा मीडिया कवरेज के लिए जारी की गई आधिकारिक सूची में कई पत्रकारों के नाम शामिल नहीं थे। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का हवाला देते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया और सूची में नाम न होने का कारण बताकर पत्रकारों को मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया।
पत्रकारों में रोष, व्यवस्था पर उठाए सवाल _कार्यक्रम को कवर करने पहुंचे मीडियाकर्मियों ने प्रशासन के इस रवैये की कड़ी निंदा की है। पत्रकारों का कहना है कि वे जनता तक सही और निष्पक्ष खबरें पहुंचाने के लिए अपनी ड्यूटी निभाने आए थे, लेकिन इस तरह की व्यवस्था के चलते उनकी कवरेज में बाधा डाली गई। पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि यदि सूचना विभाग और स्थानीय प्रशासन समय पर मीडिया समन्वय और पास वितरण की पारदर्शी व्यवस्था नहीं करेगा, तो पत्रकार निष्पक्ष रिपोर्टिंग कैसे कर पाएंगे?
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल_इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और सूचना विभाग की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। मीडिया संगठनों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए पास जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि ड्यूट पर आने वाले पत्रकारों को इस प्रकार की अपमानजनक स्थिति का सामना न करना पड़े।
