रायबरेली (एनपीआर नेटवर्क)। सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में आए हुए कवियों के सम्मान के साथ ही समाजसेवियों का सम्मान किया गया। कवियों ने अपने छंद व मुक्तक के माध्यम से आए हुए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के आयोजक के एन मिश्रा ने कवियों के साथ समाज सेवियों को सम्मानित किया।रविवार को घुरवारा में आयोजित नारायण उत्सव लॉन के शुभारंभ कार्यक्रम में कवियों ने अपने छंद मुक्तक व हास्य कविता के माध्यम से लोगों की वाह वाही लूटी। रायबरेली से आए कवि डॉक्टर गोविंद गजब ने ‘चाहत मिली है मान मिला है प्यार मिला है सांसे मिली है उनसे ही संसार मिला है, उमाकांत मिश्रा ने निभाऐ जो वचन वनवास के वह राम होते हैं नचाए बांसुरी के धुन को घनश्याम होते हैं, यहां मां-बाप के चरणों में चारों धाम होते हैं, जब जब सत्ता सोती है तब कलमकार जग जाता है, अंधे पृथ्वीराज से भी वह गोरी को मरवाता है। संतोष दीक्षित ने अपनी इस कविता पर दर्शकों की खूब वाह वाही लूटी। भले हम सो जाए पर कभी फौजी न सोता है, वतन की हर सुरक्षा के लिए खुद को संजोया है। प्रतापगढ़ से आए कवि लवलेश यदुवंशी ने वीर रस से भरी कविताओं से लोगों की खूब तालियां बटोरी वही हास्य कवि फतेहपुर से आए समीर शुक्ला ने पाकिस्तान चीन वाले गाय पालते नहीं है कुत्ते पाल पाल दिल को बहलाते हैं आदि कविता पर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।इसके पहले कार्यक्रम के आयोजक व प्रबंधन के एन मिश्रा ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस मौके पर अरविंद त्रिपाठी एसडीएम अंबेडकर नगर, अध्यक्ष नगर पंचायत डलमऊ ब्रजेश दत्त गौड, राजेंद्र पांडे, रतन मिश्रा लाल चंद्र कनौजिया डॉक्टर रत्नाकर द्विवेदी, अनमोल मिश्रा, पप्पू मिश्रा, शारदा प्रसाद समाजसेवी विकास सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवकुमार अवस्थी एवं कवि सम्मेलन का संचालक डॉक्टर गोविंद गजब ने किया।
डलमऊ में सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन, कवियों के छंद–मुक्तक ने जीता दर्शकों का दिल
