डलमऊ (रायबरेली)।डलमऊ कस्बा समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में ईद-उल-फितर का त्योहार इस बार भी पूरे जोश, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों में रौनक देखने को मिली, जहां अकीदतमंदों ने अलग-अलग समय पर नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।शनिवार सुबह करीब 9 बजे कस्बे के चौरासी मोहल्ला स्थित ईदगाह में हाफिज मुजफ्फर ने छह जायज़ तकबीरों के साथ ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद उन्होंने खुतबा पेश किया, जिसे नमाजियों ने पूरी अकीदत से सुना। इसके बाद सभी ने हाथ उठाकर दुआ की।बीमारों की सेहत, परेशान लोगों की राहत और देश में शांति के लिए कई लोग भावुक होकर रो पड़े। दुआ खत्म होते ही ईदगाह का माहौल ईद मुबारक की आवाजों से गूंज उठा। लोग एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद देने लगे।इस मौके पर डलमऊ कोतवाल राघवन सिंह, कांग्रेस नेता संजय श्रीवास्तव, अंकिल दीक्षित और लेखपाल हरिओम त्रिपाठी समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने नमाजियों से मिलकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शुभम गौड़ ने भी कस्बे में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात कर ईद की बधाई दी, जिससे भाईचारे का संदेश और मजबूत हुआ। ईद के मौके पर हर घर में खास पकवानों की खुशबू फैली रही। कहीं किमामी सेवइयां, तो कहीं दूध वाली सेवइयां और दही बड़े से सजे दस्तरखान ने त्योहार की रौनक बढ़ा दी। खास बात यह रही कि हिंदू-मुस्लिम सभी ने एक-दूसरे के घर जाकर पकवानों का लुत्फ उठाया।बच्चों के लिए भी यह दिन खास रहा नए कपड़े, ईदी और ढेर सारी खुशियों के साथ उन्होंने ईद का जमकर आनंद लिया।
सेवइयों की खुशबू और गले मिलने की परंपरा, डलमऊ में ईद का खास अंदाज
