रायबरेली। शहर के एक होटल में Indian Medical Association (आईएमए) एवं Indian Association of Clinical Medicine (आईएसीएम) के संयुक्त तत्वावधान में “रीमाकॉन 2026” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लेकर चिकित्सा विज्ञान में हो रहे नवीन शोध और उन्नत उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम के दौरान इंसुलिन के ओरल रूट, थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी तथा बोन मैरो संबंधी विकारों जैसे जटिल विषयों पर विशेषज्ञों ने शोधपरक व्याख्यान प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में चिकित्सा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर ही मरीजों को बेहतर एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।सम्मेलन में Sharad Agarwal (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईएमए) ने चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर अध्ययन और शोध की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं S. N. Medical College के प्रोफेसर J. K. Gupta ने हेमेटोलॉजी एवं बोन मैरो रोगों की नवीन उपचार विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।आयोजकों ने बताया कि इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलनों का उद्देश्य चिकित्सकों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना और आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने सहभागिता की और विचार-विमर्श के माध्यम से ज्ञानवर्धन किया।
न्यूज प्लस रिपोर्ट 8471062005
