मानवता की मिसाल: बिन बाप की बेटी की विदाई में मददगार बने सपा नेता सुरेश कुमार निर्मल

रायबरेली (सलोन)।

समाज में आज भी मानवता जिंदा है, इसका एक जीवंत उदाहरण रायबरेली के सलोन तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उसरी में देखने को मिला है। यहाँ एक बेबस और आर्थिक रूप से टूट चुके परिवार की मदद के लिए आगे आकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सुरेश कुमार निर्मल ने समाज के सामने एक नई मिसाल कायम की है। उनके इस नेक कार्य की क्षेत्र में हर कोई सराहना कर रहा है।

पिता के निधन के बाद बिखर गया था परिवार

​जानकारी के मुताबिक, उसरी गाँव के निवासी काकू रैदास का कुछ समय पूर्व एक गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था। घर के मुखिया और पिता के साए के उठ जाने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे और आर्थिक तंगी के जाल में फंस गया। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया और घर चलाना पूरी तरह दुश्वार हो गया था।

बेटी की विदाई पर मंडरा रहा था संकट

​ऐसे मुश्किल हालातों के बीच परिवार में बेटी की शादी और उसकी विदाई का समय नजदीक आ गया। आर्थिक तंगी के कारण परिजनों के लिए बेटी को सम्मानजनक तरीके से विदा करना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन सा प्रतीत हो रहा था।

सपा कार्यकर्ता ने निभाया अपना वादा

​पीड़ित परिवार की सदस्य सुलोचना ने बताया कि पिता के निधन के बाद से वे बेहद लाचार महसूस कर रहे थे। ऐसे नाजुक वक्त में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सुरेश कुमार निर्मल ने परिवार को ढांढस बंधाया था और आर्थिक सहयोग का पूरा आश्वासन दिया था।

​सुरेश कुमार निर्मल ने राजनीति से ऊपर उठकर मानवता धर्म को सर्वोपरि माना। जैसे ही बेटी की विदाई का समय आया, वे तुरंत पीड़ित परिवार के बीच पहुँचे। उन्होंने न सिर्फ परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि जरूरत के समय उचित आर्थिक सहायता प्रदान कर अपना किया हुआ वादा भी पूरी ईमानदारी से निभाया।

​सुरेश कुमार निर्मल के इस मानवीय कदम की बदौलत आज उसरी गाँव की इस बेटी की विदाई सुगमता से संपन्न हो सकी, जिसने इलाके के लोगों का दिल जीत लिया है।

– न्यूजप्लस रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial