डलमऊ (रायबरेली)। इंसानियत की मिसाल बने खंड विकास अधिकारी अशोक सचान, इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता_ इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है डलमऊ के खंड विकास अधिकारी अशोक सचान ने। हाल ही में डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के पूरे कुंजन मजरे लूक चांदपुर गांव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में भाई-बहन की मौके पर मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद जहां पूरा परिवार गहरे सदमे में है, वहीं प्रशासन की ओर से संवेदनशील पहल देखने को मिली। खंड विकास अधिकारी अशोक सचान स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने ₹5000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की और साथ ही भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। इतना ही नहीं, परिवार की आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से गांव में समूह की बैठक कराकर सामुदायिक शौचालय के केयरटेकर पद पर चयन कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे संबंधित महिला को ₹6000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वहीं मृतक की मां का पहले से बना सफेद राशन कार्ड, अब अंत्योदय कार्ड में परिवर्तित कराने के लिए आवेदन भरवा दिया गया है। इसके अलावा शौचालय लाभ योजना का फॉर्म भी सबमिट कराया गया है। आवास सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है, और लक्ष्य मिलते ही परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। सबसे अहम बात यह है कि परिवार का जीरो पॉवर्टी श्रेणी में सर्वे दर्ज किया गया है।इस मानवीय पहल के दौरान ग्राम प्रधान मनोज कुमार, पंचायत सहायक शैलेंद्र कुमार और रोजगार सेवक श्याम किशोर भी मौके पर मौजूद रहे।
दर्द में प्रशासन का साथ: बीडीओ अशोक सचान ने बढ़ाया मदद का हाथ
