वाराणसी से सीएम योगी आदित्यनाथ के लाइव कार्यक्रम से जुड़ा डलमऊ ब्लॉक; बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
डलमऊ, रायबरेली । उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के अंतर्गत बुधवार को ब्लॉक सभागार डलमऊ में कैशलेस कार्ड वितरण एवं डीबीटी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी डलमऊ नंदलाल रजक एवं खंड शिक्षा अधिकारी गौरा सत्य प्रकाश जी के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिवराम रावत (ब्लॉक प्रमुख डलमऊ) तथा विशिष्ट अतिथि व्रजेश दत्त गौड़ (अध्यक्ष नगर पंचायत डलमऊ) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने स्वागत गीत और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी अतिथियों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- डॉ. रत्नाकर त्रिवेदी (प्रधानाचार्य, श्री गांधी इंटर कॉलेज घुरवारा)
- संतोष कुमार (एडीओ कोऑपरेटिव / खंड विकास अधिकारी प्रतिनिधि)
- सुमित कुमार (शाखा प्रबंधक, एसबीआई डलमऊ)
- पंकज रावत (प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख डलमऊ)
वाराणसी से हुआ सीधा प्रसारण, रंगोली ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी शिक्षकों और अतिथियों ने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा वाराणसी से योजना के राज्यव्यापी शुभारंभ का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) देखा। इस खास मौके पर डलमऊ की रंगोली टीम द्वारा योजना की थीम पर बनाई गई आकर्षक और सुंदर रंगोली पूरे कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बनी रही।
कार्ड वितरण की शुरुआत और संचालन
योजना के तहत शिक्षकों को कैशलेस कार्ड वितरित किए गए। कम्पोजिट विद्यालय सेदूंरामऊ के सहायक अध्यापक विक्रमादित्य को पहला कैशलेस कार्ड प्रदान कर वितरण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम का सफल और जीवंत संचालन सियाराम सोनकर एवं राजेंद्र शुक्ला द्वारा किया गया। इस मौके पर अमरीश सिंह, इरफान खान, शिवप्रकाश, विपिन, शैलेंद्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष व मंत्री उपस्थित रहे।
शिक्षकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी योजना
इस योजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश के पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार द्वारा सूचीबद्ध (Empaneled) अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। शिक्षकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में राज्य सरकार की इस पहल को बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक माना जा रही है।
