रायबरेली। जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बड़ी कार्रवाई की। न्याय के लिए भटक रहे एक बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम न्यायिक कार्यालय के पेशकार शिशुपाल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।मामला बछरावां थाना क्षेत्र के राजामऊ निवासी दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी से जुड़ा है। बताया गया कि वह पिछले 13 माह से दो वादों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। 31 जनवरी 2025 को फैसला उनके पक्ष में आया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संबंधित पत्रावली और फैसले की प्रति नहीं दी गई। आरोप है कि पेशकार द्वारा लगातार उन्हें दौड़ाया जा रहा था।शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में जब दुर्गा प्रसाद ने अपनी व्यथा जिलाधिकारी के सामने रखी तो डीएम ने तत्काल पेशकार को तलब कर देरी का कारण पूछा। संतोषजनक जवाब न मिलने और टालमटोल की स्थिति पर डीएम ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मौके पर ही निलंबन का आदेश दे दिया।जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्पष्ट कहा, “न्याय में देरी करना भी अन्याय के समान है। यदि किसी बुजुर्ग को फैसला आने के बाद भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता है। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के लिए प्रशासन में कोई जगह नहीं है।”डीएम की इस कार्रवाई से जहां फरियादियों में संतोष दिखा, वहीं विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
News Plus Report
